मेरी बहन तो कब से घर में नंगी ही रहती है। अब भी, जब मैं बड़ी हो गई हूँ, तब भी इसमें कोई बदलाव नहीं आया है। उसका सुगठित शरीर मेरे जैसे परिवार के सदस्य के लिए भी उसकी आँखों में झाँकना मुश्किल बना देता है। लेकिन मेरे धैर्य की यही सीमा है। मेरी बहन का निरीह शरीर मुझे लुभाता है, और मैं अपनी इच्छा को दबा नहीं पाती...
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