इस रचना में ज़रा भी मर्दानगी नहीं है। युई, एक अविवाहित लड़की, एक इंसान को, जिससे वह अचानक एक कमरे में मिल जाती है, "पालतू" की तरह रखने का फैसला करती है। युई उस सज्जन पुरुष को माफ़ कर देती है, और उसकी जगह, उसके शरीर को पिघला देने वाले चुम्बनों, अविश्वसनीय रूप से सुखद योनि-संभोग और प्रेमी की तरह आलिंगन से उसे गहराई से भर देती है...! दोनों हमेशा से खुशी-खुशी रह रहे हैं, लेकिन वह पुरुष युई का "पालतू" है... युई की खुशी की कामना करने वाला पुरुष आखिरकार एक उग्र यौन सत्र के साथ उसे आत्मसमर्पण करने पर मजबूर कर देता है...!
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